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खसरा रोग कà¥à¤¯à¤¾ है? कारण, लकà¥à¤·à¤£, इलाज, घरेलॠउपाय - सब जाने
बदलते मौसम में अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और वयसà¥à¤• लोगों को कई संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने की आशंका बनी रहती है जो कि सामानà¥à¤¯ बà¥à¤–ार, सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤–ाम से लेकर गंà¤à¥€à¤° खसरा तक à¤à¥€ हो सकता है। बाकी सामानà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ को छोड़ दें तो खसरा सबसे गंà¤à¥€à¤° है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी वजह से गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सामना करना पड़ता है। माना जाता है कि अब खसरा खतà¥à¤® हो चूका है जिसकी वजह से लोगों के पास इससे जà¥à¥œà¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी नहीं और इसकी वजह से यह और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गंà¤à¥€à¤° साबित होता है। वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤• लोगो की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में यह खसरा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चपेट में लेता है, लेकिन यह किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपनी चपेट में ले सकता है। तो चलिठइस लेख के जरिये खसरे के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं।
खसरा कà¥à¤¯à¤¾ है?
खसरा रोग संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• वायरस के कारण होने वाला à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ रोग है। यह à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में बड़ी आसानी से फैल सकता है। खसरा होने पर इसमें पूरे शरीर पर लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ उà¤à¤° आते हैं। खसरा होने पर यह लाल दाने शरूआत में सिर पर होते हैं और फिर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर फैल जाते हैं। खसरा रोग को रूबेला (Rubeola) à¤à¥€ कहा जाता है।
खसरे के कितने चरण होते हैं?
खसरे के शà¥à¤°à¥‚ होने से लेकर खतà¥à¤® होने तक इसे चार चरणों में बांटा जा सकता है यह चरण दो से तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक होते हैं, लेकिन गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होने पर चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक à¤à¥€ चल सकते हैं। खसरे के चारों चरणों को निचे वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ किया गया है :-
ऊषà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¨ चरण या इनà¥à¤•à¥à¤¯à¥‚बेशन (the incubation phase) – इनà¥à¤•à¥à¤¯à¥‚बेशन को खसरे का पहला चरण माना जाता है। इस चरण में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खसरे यानि खसरा वायरस के संपरà¥à¤• में आता है। यह आमतौर पर खसरे के लकà¥à¤·à¤£ शà¥à¤°à¥‚ होने से 10 से 14 दिन पहले का होता है।
पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤®à¤² (कैटरल) (the prodromal – catarrhal) – खसरे के दूसरे चरण को पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤®à¤² के नाम से जाना जाता हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤®à¤² में यानि दà¥à¤¸à¤°à¥‡ चरण में खसरे के कà¥à¤› शà¥à¤°à¥‚आती लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दिखाई देने लग जाते हैं। दà¥à¤¸à¤°à¥‡ चरण में खसरे के बà¥à¤–ार, घबराहट, खांसी, आंख आना (कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ - conjunctivitis) और सरà¥à¤¦à¥€ जà¥à¤–ाम जैसे लकà¥à¤·à¤£ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से दिखाई देने लगते हैं।
रैश या दाने का चरण (the rash phase) – पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤®à¤² चरण के ​दो से चार दिन बाद मैकà¥à¤²à¥‹à¤ªà¤¾à¤ªà¥à¤²à¤° (चपटे और लाल) रैश या दाने दिखाई देने लग जाते हैं। यह खसरा का तीसरा चरण होता है और इस दौरान à¤à¥€ रोगी को दà¥à¤¸à¤°à¥‡ चरण के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं, लेकिन यह पहले के मà¥à¤•ाबले बà¥à¥‡ हà¥à¤ दिखाई दे सकते हैं। इस दौरान आने वाला बà¥à¤–ार 104 से 105।8 F (40 to 41 C) तक हो सकता है।
रिकवरी या पà¥à¤¨à¤°à¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ चरण (the recovery phase) – इस चरण में आते-आते मरीज रिकवर होने लगता है। इस चरण में यानी रोगी आमतौर पर दाने आने के चार दिन बाद तक संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होते हैं। फिर धीरे-धीरे खसरा का असर कम होने लगता है। जब यह चरण आता है तो बà¥à¤–ार आदि जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई देने बंद हो जाते हैं और साथ ही दानों से à¤à¥€ छà¥à¤°à¤¾à¤•ारा मिलना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
खसरा होने के कारण कà¥à¤¯à¤¾ है?
खसरा पैरामाइकà¥à¤¸à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ परिवार के à¤à¤• वायरस के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होता है। यह वायरस छोटे परजीवी रोगाणॠहोते हैं। à¤à¤• बार जब आप संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाते हैं, तो वायरस शरीर में मौजूद कोशिकाओं पर आकà¥à¤°à¤®à¤£ करना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं और अपने जीवन चकà¥à¤° को पूरा करने के लिठसेलà¥à¤²à¤° घटकों का उपयोग करता है। खसरा का वायरस सबसे पहले शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करता है। हालाà¤à¤•ि, यह अंततः रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर के अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों में फैल जाता है।
खसरा केवल मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ में होता है, इसके अलावा यह किसी à¤à¥€ दà¥à¤¸à¤°à¥‡ जीव में नहीं होता। विशà¥à¤µ à¤à¤° में à¤à¤¸à¥‡ 24 जà¥à¤žà¤¾à¤¤ अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक पà¥à¤°à¤•ार के खसरे à¤à¥€ हैं जिससे यह मालूम होता यह à¤à¤• अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक रोग à¤à¥€ हो सकता है, हालाà¤à¤•ि वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में केवल 6 अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक पà¥à¤°à¤•ार के खसरे ही मौजूद हैं।
जब à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खसरे से जूठरहा होता है तो उसके आसपास रहने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ इसके होने की काफी संà¤à¤µà¤¨à¤¾ होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह वायरस छिकने और खासने से हवा में फ़ैल जाते हैं जो कि दà¥à¤¸à¤°à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बड़ी आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है। सरल शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहा जाठतो यह à¤à¤• फैलने वाली बीमारी है।
खसरे के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ है?
खसरे के संकेत और लकà¥à¤·à¤£ वायरस के संपरà¥à¤• में आने के लगà¤à¤— 10 से 14 दिनों के बाद दिखाई देते हैं। खसरे के संकेत और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में आम तौर पर निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हैं:
सामानà¥à¤¯ से तेज बà¥à¤–ार आना
सूखी खाà¤à¤¸à¥€ होना
लगातार नाक बहना
गले में खरास बने रहना
आà¤à¤–ों में सूजन आना (नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ Conjunctivitis)
गाल की अंदरूनी परत पर मà¥à¤‚ह के अंदर पाठजाने वाले लाल रंग की पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि पर नीले-सफेद केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ वाले छोटे सफेद धबà¥à¤¬à¥‡ – जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोपà¥à¤²à¤¿à¤• सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿ à¤à¥€ कहा जाता है।
बड़े, चपटे धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ से बना à¤à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ जो अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤• दूसरे में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होते हैं।
à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ खसरे का à¤à¤• कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¿à¤• संकेत है। यह दाने 7 दिनों तक रह सकते हैं और आमतौर पर वायरस के संपरà¥à¤• में आने के 14 दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° दिखाई देते हैं। यह आमतौर पर सिर पर विकसित होता है और धीरे-धीरे शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में फैलता है।
खसरे के जोखिम कारक कà¥à¤¯à¤¾ है?
निचे बताठगये कà¥à¤› खास कारक खसरे के जोखिम को बà¥à¤¾ सकते हैं :-
टीकाकरण न लिया हो – यदि आपको खसरे का टीका नहीं मिला है, तो आपको खसरे के होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है।
अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर यातà¥à¤°à¤¾ – यदि आप विकासशील देशों की यातà¥à¤°à¤¾ करते हैं, जहां खसरा अधिक आम है, तो आपको बीमारी होने का अधिक खतरा है।
विटामिन ठकी कमी होना – यदि आपके आहार में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन ठनहीं है, तो आपको अधिक गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ और जटिलताà¤à¤‚ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है।
पांच साल की उमà¥à¤° से छोटे बचà¥à¤šà¥‡ – बड़ों के मà¥à¤•ाबले खसरा वायरस छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चपेट में लेता है।
20 साल तक के यà¥à¤µà¤¾ – इस उमà¥à¤° तक अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® सही से विकसित नहीं हो पाता है जिसकी वजह से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खरा होने का खतरा बना रहता है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ – शरीर में चल रहे लगातार हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव की वजह से गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को खसरा होने का खतरा रहता है।
कमजोर रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ – यदि किसी बीमारी से रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर होने लग जाठतो उसकी वजह से à¤à¥€ खसरा हो सकता है।
खसरे से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ के संपरà¥à¤• में आने से – अगर आप किसी à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की चपेट में आ जाते हैं जो कि फ़िलहाल खसरे से जूठरहे हैं तो à¤à¤¸à¥‡ में आपको à¤à¥€ खसरा होने की संà¤à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ खसरा हवा में फैलता है?
हाà¤, यह सतà¥à¤¯ है कि खसरा हवा में फैलता है जिसकी वजह से यह à¤à¤• से दà¥à¤¸à¤°à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में बड़ी आसानी से फ़ैल सकता है। खसरा शà¥à¤µà¤¸à¤¨ की बूंदों और छोटे à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤² कणों से हवा के माधà¥à¤¯à¤® से फैल सकता है। à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खांसने या छींकने पर वायरस को हवा में छोड़ सकता है।
यह शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कण वसà¥à¤¤à¥à¤“ं और सतहों पर à¤à¥€ बस सकते हैं। यदि आप किसी दूषित वसà¥à¤¤à¥, जैसे दरवाज़े के हैंडल के संपरà¥à¤• में आते हैं, और फिर अपने चेहरे, नाक या मà¥à¤à¤¹ को छूते हैं, तो आप संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकते हैं। खसरे का वायरस आपके विचार से अधिक समय तक शरीर के बाहर रह सकता है। वासà¥à¤¤à¤µ में, यह हवा में या सतहों पर दो घंटे तक संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रह सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ खसरा संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है?
आपने अà¤à¥€ ऊपर जाना कि खसरा कैसे à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दà¥à¤¸à¤°à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में बड़ी आसानी से फ़ैल सकता है। आप इसी से समठसकते हैं कि यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ कितना है। खसरे से होने वाली जटिलताओं को देखते हà¥à¤ à¤à¥€ इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है। (खसरे से होने वाली जटिलताओं के बारे में निचे बताया गया है)
à¤à¤• अतिसंवेदनशील वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो खसरे के वायरस के संपरà¥à¤• में आता है, उसके संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने की 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। इसके अतिरिकà¥à¤¤, à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ 9 से 18 संवेदनशील वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच कहीं à¤à¥€ वायरस फैला सकता है।
à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जिसे खसरा है, वह वायरस को दूसरों तक फैला सकता है, इससे पहले कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पता à¤à¥€ चले कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खसरा हो चूका है। à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ चार दिनों तक संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होता है, जब तक कि इसकी खास पहचान यानि दाने दिखाई नहीं देते। दाने दिखाई देने के बाद, रोगी अà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤• और चार दिनों के लिठसंकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• हैं।
रूबेला, खसरे से कैसे अलग है?
खसरा और रूबेला दो अलग-अलग वायरल रोग हैं। आम तौर पर, रूबेला खसरे की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में हलà¥à¤•े संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बनता है, लेकिन इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प गंà¤à¥€à¤° जनà¥à¤® दोष होते हैं। यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि रूबेला खसरा के समान नहीं है। हालांकि दोनों रोगों में लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ सहित समान विशेषताà¤à¤‚ हैं, लेकिन यह दोनों अलग हैं। रूबेला खसरा जितना संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• नहीं है। हालांकि, यह गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤‚ पैदा कर सकता है यदि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर à¤à¤• महिला संकà¥à¤°à¤®à¤£ विकसित करती है।
शिशà¥à¤“ं के लिठखसरा कितना खतरनाक है?
आपने ऊपर जाना कि बड़ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को और खासकर शिशà¥à¤“ं को खसरा होने का जोखिम होता है, इसका कारण है टीकाकरण। खसरे का टीका बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को तब तक नहीं दिया जाता जब तक वह कम से कम 12 महीने के नहीं हो जाते। टीके की अपनी पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने से पहले वह समय होता है जब वह खसरे के वायरस से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने के लिठसबसे अधिक संवेदनशील होते हैं।
शिशà¥à¤“ं को निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से खसरे से कà¥à¤› सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करवाई जाती है, जो मां से बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के माधà¥à¤¯à¤® से और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की जाती है। हालांकि, शोध से पता चला है कि जनà¥à¤® के ढाई महीने बाद या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बंद करने के समय में यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ दूर हो सकती है।
5 साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में खसरे के कारण जटिलताà¤à¤‚ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। इनमें निमोनिया (Pneumonia), à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Encephalitis) और कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ (Ear infections) जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ हानि (Hearing loss) यानि बेहरापन की à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
वयसà¥à¤•ों के लिठखसरा कितना खतरनाक है?
वैसे तो खसरा मूल रूप से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से जà¥à¥œà¤¾ à¤à¤• संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोग है जो कि अकà¥à¤¸à¤° बचपन में होता है, लेकिन इसका यह मतलब बिलकà¥à¤² नहीं है कि यह बड़ों को अपना शिकार नहीं बनता। शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ-साथ वयसà¥à¤•ों को à¤à¥€ खसरा होने की संà¤à¤µà¤¨à¤¾ बनी रहती है। खसरा विशेष रूप से उन वयसà¥à¤•ों को अपनी चपेट में लेता है जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बचपन में खसरे का टीकाकरण नहीं करवाया होता है।
यह आमतौर पर सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया जाता है कि 1957 के दौरान या उससे पहले पैदा हà¥à¤ वयसà¥à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से खसरे से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ को पहली बार 1963 में लाइसेंस दिया गया था। इससे पहले, अधिकांश लोग अपने किशोरों के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से संकà¥à¤°à¤®à¤£ के संपरà¥à¤• में आ गठथे और परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ बन गठथे।
संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के रोग नियंतà¥à¤°à¤£ और रोकथाम केंदà¥à¤° (सीडीसी) (Centers for Disease Control and Prevention) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤‚ न केवल छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में, बलà¥à¤•ि 20 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के वयसà¥à¤•ों में à¤à¥€ अधिक आम हैं। इन जटिलताओं में निमोनिया, à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और अंधापन जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं।
यदि आप à¤à¤• वयसà¥à¤• हैं जिसे टीका नहीं लगाया गया है या टीकाकरण की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ नहीं है, तो आपको टीकाकरण पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इस बारे में बात करनी चाहिà¤à¥¤ टीके की कम से कम à¤à¤• खà¥à¤°à¤¾à¤• की सिफारिश बिना टीकाकरण वाले वयसà¥à¤•ों के लिठकी जाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के लिठà¤à¥€ खसरा खतरनाक है?
हाà¤, महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ खसरे का बराबर खतरा बना रहता है, लेकिन देखा जाठतो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाकी लोगों के मà¥à¤•ाबले खसरे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नà¥à¤•सान हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में जिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में खसरे की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ नहीं है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जोखिम से बचने के लिठसावधानी बरतनी चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान खसरा होने से मां और à¤à¥à¤°à¥‚ण दोनों पर महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ नकारातà¥à¤®à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकते हैं।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को निमोनिया जैसे खसरे से होने वाली जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अतिरिकà¥à¤¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर खसरा होने से निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ जटिलताà¤à¤ हो सकती हैं :-
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤
अपरिपकà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति (preterm labor)
जनà¥à¤® के समय कम वजन
सà¥à¤Ÿà¥€à¤²à¤¬à¤°à¥à¤¥ (stillbirth)
अगर मां को उसकी डिलीवरी की तारीख के करीब खसरा हो तो मां से बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¥€ खसरा फैल सकता है। इसे जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ खसरा कहते हैं। जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ खसरे वाले शिशà¥à¤“ं में जनà¥à¤® के बाद दाने होते हैं या कà¥à¤› ही समय बाद विकसित होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ शिशॠजटिलताओं के बढ़ते जोखिम में होते हैं, जो कि शिशॠके जीवन के लिठखतरा हो सकता है।
यदि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, आपके पास खसरे के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ नहीं है, और आपको लगता है कि आप संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो गठहैं, तो आपको तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤²à¥‹à¤¬à¥à¤²à¤¿à¤¨ (immunoglobulin) का à¤à¤• इंजेकà¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने से संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने में मदद मिल सकती है।
खसरे की वजह से रोगी को कà¥à¤¯à¤¾ जटिलताà¤à¤‚ हो सकती है?
अगर कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खसरा वायरस की चपेट में आ जाता है तो उसे निमà¥à¤¨ वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है :-
कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ (Ear infections) :- खसरे की सबसे आम जटिलताओं में से à¤à¤• जीवाणॠकान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस, लैरींगाइटिस या कà¥à¤°à¥à¤ª (Bronchitis, laryngitis or croup) :- खसरा आपके वॉयस बॉकà¥à¤¸ (सà¥à¤µà¤°à¤¯à¤‚तà¥à¤° - larynx) की सूजन या आंतरिक दीवारों की सूजन का कारण बन सकता है जो आपके फेफड़ों (बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•ियल टà¥à¤¯à¥‚ब - bronchial tubes) के मà¥à¤–à¥à¤¯ वायॠमारà¥à¤— की रेखा बनाते हैं।
नà¥à¤¯à¥‚मोनिया (Pneumonia) :- निमोनिया खसरे की à¤à¤• सामानà¥à¤¯ जटिलता है। समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले लोग निमोनिया की à¤à¤• विशेष रूप से खतरनाक किसà¥à¤® विकसित कर सकते हैं जो कà¤à¥€-कà¤à¥€ घातक होती है।
à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Encephalitis) :- खसरा से पीड़ित लगà¤à¤— 1,000 में से 1 वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ नामक à¤à¤• जटिलता विकसित होती है। à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ खसरा के ठीक बाद हो सकता है, या यह महीनों बाद तक नहीं हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ (Pregnancy problems) :- यदि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, तो आपको खसरे से बचने के लिठविशेष सावधानी बरतने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह रोग समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ, जनà¥à¤® के समय कम वजन और मातृ मृतà¥à¤¯à¥ का कारण बन सकता है। (ऊपर इस संबंध में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बात की गई है)
खसरे की जांच कैसे की जाती है?
यदि आपको संदेह है कि आपको खसरा है या किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को खसरा हो गया है, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• करें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपका मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन कर सकते हैं और आपको यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ कर सकते हैं कि आपको संकà¥à¤°à¤®à¤£ है या नहीं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ की जांच करके और उन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की जांच करके खसरे की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ कर सकते हैं जो इस बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ हैं, जैसे कि मà¥à¤‚ह में सफेद धबà¥à¤¬à¥‡, बà¥à¤–ार, खांसी और गले में खराश।
यदि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संदेह है कि आपके इतिहास और अवलोकन के आधार पर आपको खसरा हो सकता है, तो आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° खसरा वायरस की जांच के लिठरकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ का आदेश देगा। इस दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° रोगी को बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ करवाने के लिठकह सकते हैं, ताकि खसरे की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के बारे में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ पता लगाया जा सके।
खसरे का उपचार कैसे किया जाता है?
फिलाहल तक खसरे जैसे गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लिठकोई विशिषà¥à¤Ÿ उपचार नहीं है। बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद खसरे के टीकाकरण की मदद से बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बनाई जाती है ताकि उसे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में खसरे जैसी गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना न करना पड़े। हालाà¤à¤•ि, जब कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इसकी चपेट में आ जाता है तो उस दौरान कà¥à¤› निमà¥à¤¨ वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ उपाय अपनाठजाते हैं :-
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤œà¤° के बाद टीकाकरण Post-exposure vaccination :- शिशà¥à¤“ं के साथ-साथ गैर-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ लोगों को बीमारी से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने के लिठखसरा वायरस के संपरà¥à¤• में आने के 72 घंटों के à¤à¥€à¤¤à¤° खसरा का टीकाकरण दिया जा सकता है। यदि खसरा अà¤à¥€ à¤à¥€ विकसित होता है, तो बीमारी में आमतौर पर हलà¥à¤•े लकà¥à¤·à¤£ होते हैं और कम समय तक रहता है।
इमà¥à¤¯à¥‚न सीरम गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¥à¤¯à¥à¤²à¤¿à¤¨ Immune serum globulin :- गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं, शिशà¥à¤“ं और कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले लोग जो वायरस के संपरà¥à¤• में आते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (à¤à¤‚टीबॉडी) का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ मिल सकता है जिसे इमà¥à¤¯à¥‚न सीरम गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¥à¤¯à¥à¤²à¤¿à¤¨ कहा जाता है। जब वायरस के संपरà¥à¤• में आने के छह दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° दिया जाता है, तो यह à¤à¤‚टीबॉडी खसरे को रोक सकते हैं या लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम गंà¤à¥€à¤° बना सकते हैं।
खसरे के लिठदवाà¤à¤‚
बà¥à¤–ार कम करने वाली दवाà¤à¤‚ Fever reducers :- आप या आपका बचà¥à¤šà¤¾ खसरे के साथ होने वाले बà¥à¤–ार से राहत पाने के लिठà¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ (टाइलेनॉल, अनà¥à¤¯), इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ (à¤à¤¡à¤µà¤¿à¤², चिलà¥à¤¡à¥à¤°à¤¨ मोटà¥à¤°à¤¿à¤¨, अनà¥à¤¯) या नेपà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¤¨ सोडियम (à¤à¤²à¥‡à¤µ) जैसी ओवर-द-काउंटर दवाà¤à¤‚ à¤à¥€ ले सकते हैं।
खसरे के लकà¥à¤·à¤£ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ या किशोरों को à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ बिलकà¥à¤² नहीं देनी चाहिठ(Do not give aspirin to children or adolescents who have symptoms of measles)। हालांकि à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ को 3 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में उपयोग के लिठअनà¥à¤®à¥‹à¤¦à¤¿à¤¤ किया गया है, चिकनपॉकà¥à¤¸ या फà¥à¤²à¥‚ जैसे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से उबरने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और किशोरों को कà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ नहीं लेना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ को à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रेये सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (Reye syndrome) से जोड़ा गया है, जो à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ लेकिन संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जानलेवा सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है।
à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ Antibiotics :- यदि आपको या आपके बचà¥à¤šà¥‡ को खसरा होने पर निमोनिया या कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ विकसित होता है, तो आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚टीबायोटिक लिख सकता है।
विटामिन ठVitamin A :- विटामिन ठके निमà¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤° वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में खसरे के अधिक गंà¤à¥€à¤° मामले होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। विटामिन ठदेने से खसरे की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ कम हो सकती है। यह आम तौर पर à¤à¤• वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठ200,000 अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ इकाइयों (आईयू) की à¤à¤• बड़ी खà¥à¤°à¤¾à¤• के रूप में दिया जाता है
खसरे में यह घरेलॠउपाय अपनाà¤à¤‚
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कई हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में आज à¤à¥€ खसरे को घर पर ही ठीक कर लिया जाता है, लेकिन इसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना जरूरी है। अगर आप या आपका बचà¥à¤šà¤¾ खसरे से जूठरहे हैं तो आप नीचे बताठगये कà¥à¤› खास घरेलॠउपायों को अपना सकते हैं जिससे इससे होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचा जा सकता है।
नीम के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें :-
खसरा वायरस होने पर शरीर में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना बहà¥à¤¤ ही सामानà¥à¤¯ है। खà¥à¤œà¤²à¥€ होने की वजह से रोगी को न सिरà¥à¤« तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जà¥à¤¡à¥‡ नà¥à¤•सान होते हैं बलà¥à¤•ि वह चिड़चिड़े à¤à¥€ हो जाते हैं। इस खà¥à¤œà¤²à¥€ को कम करने के लिठनीम के पतà¥à¤¤à¥‡ लाà¤à¤•ारी साबित हो सकते हैं। रोगी की खà¥à¤œà¤²à¥€ को कम करने के लिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में नीम के पतà¥à¤¤à¥‡ डालकर उससे नहा सकते हैं। अगर नहाना संà¤à¤µ नहीं है तो रोगी के आसपास साफ़ नीम के पतà¥à¤¤à¥‡ à¤à¥€ रखे जा सकते हैं, इससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर हà¥à¤ दानों में खà¥à¤œà¤²à¥€ नहीं होगी। इतना ही नहीं, खसरा के ठीक होने के बाद à¤à¥€ रोगी को कà¥à¤› दिनों तक तीन के पानी से ही नहाना चाहिà¤, साथ ही घर में सफाई के लिठनीम के पानी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाना चाहिठताकि संकà¥à¤°à¤®à¤£ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न फैले। दरअसल, नीम में मौजूद à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² व à¤à¤‚टीफंगल गतिविधि खसरा वायरस के असर को कम करके इससे राहत दिला सकते हैं। साथ ही नीम में à¤à¤‚टी इंफेकà¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ होता है, जिसे खसरा के लिठअचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है।
नारियल पानी पियें :-
खसरा रोग से राहत पाने के लिठनारियल पानी का उपयोग किया जा सकता है। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने पर रोगी अकà¥à¤¸à¤° चिडचिडा हो जाता है और खसरा के कारण हà¥à¤ चकतà¥à¤¤à¥‡ की वजह से होने वाली जलन की वजह से उसे काफी समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर रोगी को नारियल पानी दिया जाठतो उसे अंदर से शांति मिलती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह ठंडा होता है। इतना ही नहीं à¤à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अगर नारियल पानी को खसरे के कारण हà¥à¤ चातकों पर लगाया जाठतो उनमें ठंडक à¤à¥€ मिलती है और उसे आगे बढने से रोकता है।
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी पियें :-
जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खसरे से जूठरहा है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ठंडा पानी बिलकà¥à¤² à¤à¥€ नहीं पीना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और बà¥à¤–ार की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी का सेवन करने से खसरा के दौरान होने वाली सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और नाक बहने से राहत मिल सकती है।
फोन, टीवी, कमà¥à¤ªà¥‚टर आदि का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें :-
खसरा होने पर आà¤à¤–ों से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ होने की आशंका काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है, à¤à¤¸à¥‡ में रोगी को फोन, टीवी, कमà¥à¤ªà¥‚टर आदि का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इतना ही नहीं, रोगी को किताब आदि à¤à¥€ नहीं पढनी चाहिठऔर न ही तेज संगीत सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
जितना हो सके आराम करें :-
खसरा रोगी को जितना हो सके उतना आराम करना चाहिठऔर इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दà¥à¤¸à¤°à¥‡ लोगों से अलग रहना चाहिठताकि संकà¥à¤°à¤®à¤£ दà¥à¤¸à¤°à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को न हो।
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लें :-
खसरा होने पर रोगी को अपने खाने पीने का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि किसी à¤à¥€ रोग से लड़ने में आहार दवाओं से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अहमॠà¤à¥‚मिका अदा करता है। आहार के लिठआप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कर सकते हैं।
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